Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 4(April 2026)
Author(s): कार्तिक मिश्रा एवं डॉ. हमीद अहमद
Abstract:
शहरीकरण आधुनिक समाजों के सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण की एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो ग्रामीण-आधारित संरचना से शहरी-औद्योगिक व्यवस्था की ओर संक्रमण को दर्शाती है। भारत जैसे विकासशील देश में यह प्रक्रिया अवसरों और चुनौतियों—दोनों को जन्म देती है। प्रस्तुत शोध पत्र राजस्थान के सर्वाधिक शहरीकृत नगर कोटा को अध्ययन-क्षेत्र बनाते हुए तीव्र शहरीकरण के जीवन-गुणवत्ता (Quality of Life) पर पड़ने वाले सामाजिक-आर्थिक, पर्यावरणीय तथा मानसिक-स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों का समग्र विश्लेषण करता है। अध्ययन में जनगणना आँकड़ों, द्वितीयक सांख्यिकीय स्रोतों, नगर नियोजन दस्तावेज़ों तथा पर्यावरणीय सूचकों का विश्लेषण किया गया है। निष्कर्ष दर्शाते हैं कि कोटा में शहरीकरण ने जहाँ एक ओर आर्थिक अवसरों, शिक्षा और अवसंरचना विकास को गति दी है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरणीय क्षरण, मानसिक स्वास्थ्य संकट, एक-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की अस्थिरता तथा सामाजिक दबाव जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न की हैं। अध्ययन यह प्रतिपादित करता है कि सतत और समावेशी शहरी विकास के बिना जीवन-गुणवत्ता का संतुलित उन्नयन संभव नहीं है।
keywords:
शहरीकरण, जीवन-गुणवत्ता, कोटा, प्रवासन, कोचिंग उद्योग, पर्यावरणीय क्षरण, मानसिक स्वास्थ्य
Pages: 50-52 | 15 View | 1 Download
How to Cite this Article:
कार्तिक मिश्रा एवं डॉ. हमीद अहमद. कोटा नगर में जीवन-गुणवत्ता का एक समग्र अध्ययन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(4):50-52,