Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
Mail: allstudy.paper@gmail.com
Contact: +91-9650866419
Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 1(January 2026)
Author(s): डॉ. रश्मि सोनी
Abstract:
भारतीय महिलाएं किसी न किसी रूप में प्रति सेकेंड शोषण का शिकार हो रही है। आज भी उच्च वर्गो के समाज में विधवाओं का पुनः विवाह नहीं किया जाता। दहेज के नाम पर न जाने कितनी महिलाओं की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है, कितनी छोटी बच्चीयों एवं महिलाओं की इज्जत खराब कर दी जाती है। चेहरे पर तेजाब छिड़कना दिनदहाड़े अपहरण कर लेना जैसे हैवानियत कार्य वर्तमान भारत की हि नहीं यह वैश्विक स्तर की निंदनीय समस्या है। भारतीय समाज की परम्परागत व्यवस्था में महिलाएं आजीवन पिता, पति एवं पुत्र के संरक्षण में जीवन बिताती है। परन्तु कुछ हद तक आदिवासी समाज में महिलाएं शोषण का शिकार नहीं होती। परन्तु बाहरी परिवेश का अत्याचार हमेंशा से आदिवासी स्त्रियों पर होता आ रहा है।
keywords:
Pages: 142-143 | 14 View | 1 Download
How to Cite this Article:
डॉ. रश्मि सोनी. महिलाओं की सामाजिक स्थिति (आदिवासी महिलाओं के विशेष सन्दर्भ में). Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(1):142-143,