Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 1(January 2026)
Author(s): डॉ. रीमा कुमारी
Abstract:
यह शोध आलेख श्री अरविन्द के सर्वांग दृष्टिकोण के अनुसार शिक्षा के आधार, उद्देश्य तथा पाठ्यक्रम के संदर्भ को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मे देखने तथा नीति के प्रावधानों में इसके समावेशन का विश्लेषण करता है। भारतीय संस्कृति में शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन का माध्यम न मानकर, जीवन के समग्र विकास का साधन माना गया है। श्री अरविन्द का सर्वांग दर्शन इसी परंपरा की आधुनिक व्याख्या प्रस्तुत करता है। उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बुद्धि का विकास नहीं, बल्कि व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक और आत्मिक सभी स्तरों पर संतुलित उन्नयन है। यह अवधारणा भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में गहराई से प्रतिबिंबित होती है, जो कि समावेशी, बहु-आयामी और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली की पैरवी करती है।
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Pages: 58-61 | 1 View | 0 Download
How to Cite this Article:
डॉ. रीमा कुमारी. आधुनिक शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में श्री अरविन्द का सर्वांग दर्शन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सन्दर्भ में विश्लेषण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(1):58-61,