Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 9(September 2025)
Author(s): डॉ. संगीता सिंह
Abstract:
उपरोक्त शीर्षक के अंतर्गत यह शोध ग्रामीण पर्यटन के पतन के पीछे मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों का अध्ययन करता है। शोध के प्रमुख प्रश्नों में पर्यटकों और स्थानीय समुदायों की बदलती मानसिकता, बुनियादी सुविधाओं की कमी, और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की भूमिका शामिल है। मिश्रित पद्धति के माध्यम से प्रश्नावली, साक्षात्कार और फोकस ग्रुप चर्चाओं द्वारा डेटा संग्रह किया गया। जिसके लिए प्रमुख रूप से बिहार राज्य के कैमूर और रोहतास के ग्रामीण क्षेत्र से 100 पर्यटक और 50 स्थानीय निवासी के रूप में डेटा का चयन किया गया है। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकला कि आधुनिक जीवनशैली, संवादहीनता, और सुविधाओं की कमी ने पर्यटन में गिरावट को बढ़ावा दिया है। निष्कर्षों के आधार पर यह सुझाव दिया गया कि स्थानीय संस्कृति और कारीगरी को बढ़ावा देने, संवाद को प्रोत्साहित करने, और सरकार तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से ग्रामीण पर्यटन को पुनर्जीवित किया जा सकता है। यह शोध पर्यटन उद्योग और नीति निर्माताओं को प्रभावी रणनीतियाँ बनाने में सहायता प्रदान करेगा।
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Pages: 93-97 | 2 View | 0 Download
How to Cite this Article:
डॉ. संगीता सिंह. ग्रामीण पर्यटन का क्षय: एक मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(9):93-97,