Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.

Mail: allstudy.paper@gmail.com

Contact: +91-9650866419

INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


Multidisciplinary
Refereed Journal
Peer Reviewed Journal

INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 4 ISSUE.: 9(September 2025)

गुट निरपेक्ष आंदोलन के प्रणेता के रूप में जवाहरलाल नेहरू: एक आलोचनात्मक मूल्यांकन


Author(s): चंदन कुमार


Abstract:

यह शोध पत्र गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) को आकार देने में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, जवाहरलाल नेहरू की महत्वपूर्ण भूमिका का एक आलोचनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब विश्व संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ के नेतृत्व वाले दो विरोधी शक्ति गुटों में विभाजित हो गया, तब नेहरू ने नए स्वतंत्र एशियाई और अफ्रीकी देशों के लिए एक "तीसरा रास्ता" प्रस्तावित किया। यह शोध पत्र नेहरू की वैचारिक नींव, विशेष रूप से पंचशील के सिद्धांतों का विश्लेषण करता है, जिसने गुटनिरपेक्षता की विदेश नीति का आधार तैयार किया। इसमें बांडुंग (1955) और बेलग्रेड (1961) सम्मेलनों के माध्यम से आंदोलन की स्थापना में नेहरू के राजनयिक प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। शोध का मूल्यांकन दोहरे दृष्टिकोण से किया गया है। एक ओर, यह गुटनिरपेक्षता की सफलताओं को रेखांकित करता है, जैसे कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखना, अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाना और विश्व शांति को बढ़ावा देना। दूसरी ओर, यह नीति की सीमाओं और विफलताओं का भी आलोचनात्मक परीक्षण करता है। इसमें 1962 के चीन-भारत युद्ध को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में विश्लेषित किया गया है, जिसने नेहरू की आदर्शवादी नीति की कमजोरियों को उजागर किया। साथ ही, सोवियत संघ की ओर झुकाव के आरोपों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव की भी पड़ताल की गई है। अंततः, यह शोध पत्र इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि नेहरू निस्संदेह गुटनिरपेक्ष आंदोलन के प्रणेता थे, जिनकी दृष्टि ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ा, भले ही उनकी नीति व्यावहारिक चुनौतियों से घिरी रही।

keywords:

Pages: 131-137     |    2 View     |    0 Download

How to Cite this Article:

चंदन कुमार. गुट निरपेक्ष आंदोलन के प्रणेता के रूप में जवाहरलाल नेहरू: एक आलोचनात्मक मूल्यांकन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(9):131-137,