Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 7(July 2025)
Author(s): चंचल वर्मा एंव डॉ. विपिन सैनी
Abstract:
मानव का एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण ‘प्रवास’ कहलाता है। प्रवसन का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी भी क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। प्रस्तुत शोध पत्र में द्वितीयक स्रोतों से आंकड़ों का संकलन किया गया है। प्रस्तुत अध्ययन में प्रवास के कारणों व परिणामों का विश्लेषण किया गया है, साथ ही भारत व राजस्थान के प्रवास कारणों का तुलनात्मक अध्ययन किया है। जनगणना 2011 के अनुसार भारत के कुल प्रवास में राजस्थान प्रवसन की हिस्सेदारी 4.84% रही। राजस्थान में सर्वाधिक प्रवास विवाह (64%) के कारण हुआ है, जिसमें मूलतः भागीदारी महिलाओं (99%) की रही, वहीं पुरुषों द्वारा सर्वाधिक प्रवास रोजगार (85%) के कारण किया गया। प्रवसन से जहाँ जनसंख्या असंतुलन, शहरीकरण, शहरों में बढ़ता जनसंख्या-संसाधन दबाव एवं पर्यावरण प्रदूषण जैसी नकारात्मक स्थितियां देखने को मिलती है, वहीं मिश्रित संस्कृति व धन प्रेषण से आर्थिक सशक्तिकरण जैसी सकारात्मक स्थितियां भी देखने को मिलती है। यह अध्ययन राजस्थान में प्रवासन के कारणों एवं परिणामों की विस्तृत समझ प्रदान करता है, जो राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक-आर्थिक नीति निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकता है।
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Pages: 98-102 | 2 View | 0 Download
How to Cite this Article:
चंचल वर्मा एंव डॉ. विपिन सैनी. राजस्थान में प्रवासः कारणों और परिणामों का विश्लेषण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(7):98-102,