Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 6(June 2025)
Author(s): प्रेमचन्द प्रियदर्शी एंव डा. पूजा नायक
Abstract:
वर्ष 1992-93 में भारत में संवैधानिक संशोधन के पश्चात् पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी का समय प्रारम्भ हुआ। प्रारम्भ में चुनी गई महिलाएँ पुरुष रिश्तेदारों की कठपुतली मात्र बनकर रह गई थी, किन्तु धीरे धीरे स्थितियों में परिवर्तन आया है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत से वृद्धि करके 50 प्रतिशत करने की पहल ने महिला नेतृत्व की स्थिति को और अधिक मजबूती प्रदान की है। पंचायतो में वर्ष दर वर्ष सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी रही है। वर्तमान स्थिति पंचायतों में भागीदारी होने के साथ ही उनमें आत्मनिर्भरता बढी है, जागरुकता, आत्मविश्वास बढ़ा है। राजनीतिक रूप से जागरुक महिलाएँ पंचायतों के चुनाव लड़ रही है, और चुनाव जीतकर स्वतंत्र निर्णय विकास कार्यों पूर्ण सकारात्मक बदलाव कर रही है। इस तरह यह कहना गलत नहीं होगा कि पंचायतों के माध्यम से ही महिलाओं के राजनीतिक एवं सशक्तिकरण अभियान को वृद्धि मिली। पंचायतों में बढ़ती भागीदारी के कारण महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में आगे निकल पाई है।
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How to Cite this Article:
प्रेमचन्द प्रियदर्शी एंव डा. पूजा नायक. गोरखपुर नगर पंचायतों में महिलाओं की सहभागिताः एक विश्लेषण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(6):150-152,