Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.

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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 4 ISSUE.: 11(November 2025)

कामकाजी महिलाओं में उत्पन्न चिंता एवं तनाव का उनके कार्य संतुष्टि पर पड़ने वाले प्रभाव का एक अध्ययन: पटना शहरी क्षेत्र के सन्दर्भ में


Author(s): सुष्मिता भारती एवं डॉ. भवप्रीता कुमारी


Abstract:

प्रस्तुत अध्ययन का उद्देष्य कामकाजी महिलाओं के चिंता एवं तनाव का उनके कार्य संतुष्टि पर पड़ने वाले प्रभाव को ज्ञात करना था। इस अध्ययन के लिए पटना शहरी क्षेत्र के 400 कामकाजी महिलाओं को विभिन्न सरकारी एवं प्राईवेट संस्थानों यथा यथा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कारखानों एवं घरों से यादृच्छिक विधि से किया गया। इसमें से 200 कामकाजी महिलाएँ सरकारी संस्थानों एवं 200 कामकाजी महिलाएँ प्राईवेट संस्थानों से चुनी गयीं, जिनकी उम्र 18 से 45 वर्ष की थीं। चिंता कार्य संतुष्टि को धनात्मक रूप से प्रभावित कर रही है। अर्थात चिंता में वृद्धि अथवा कमी होने पर कार्य संतुष्टि में वृद्धि या कमी होती है। इसे हम इस प्रकार से कह सकते हैं कि एक निश्चित स्तर की धनात्मक चिंता या कार्य-संबंधी विचार कार्य को बेहतर बनाने और संतोष बढ़ाने में प्रेरक का काम करता है। कार्य संतुष्टि के निम्न स्तर अक्सर अधिक दबाव और चिंता का कारण बनते हैं, जबकि उच्च संतुष्टि वाले लोग कार्य से अधिक जुड़े रहते हैं और अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। जबकि तनाव कार्य संतुष्टि को ऋणात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। अर्थात जैसे-जैसे तनाव में वृद्धि होती जाती है, कार्य संतुष्टि में कमी होती जाती है। यहाँ यह भी स्पष्ट है कि तनाव का प्रभाव चिंता की तुलना में बहुत कम है।

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How to Cite this Article:

सुष्मिता भारती एवं डॉ. भवप्रीता कुमारी. कामकाजी महिलाओं में उत्पन्न चिंता एवं तनाव का उनके कार्य संतुष्टि पर पड़ने वाले प्रभाव का एक अध्ययन: पटना शहरी क्षेत्र के सन्दर्भ में. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(11):15-17,