Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 11(November 2025)
Author(s): Dr. Neelam Kumari
Abstract:
यह शोध पत्र भारतीय राजनीति में कांग्रेसी और गैर-कांग्रेसी सरकारों द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना और संरक्षण के प्रयासों का एक तुलनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है। भारतीय लोकतंत्र की जटिल यात्रा के संदर्भ में, यह अध्ययन इस मौलिक प्रश्न की जाँच करता है कि क्या शासक दल की प्रकृति (एक लंबे समय तक प्रभुत्व रखने वाली एकल पार्टी बनाम गठबंधन की छोटी अवधि की पार्टियां) ने देश के लोकतांत्रिक संस्थानों, संघवाद, नागरिक स्वतंत्रताओं और सामाजिक न्याय की दिशा को निर्धारित किया है। शोध का उद्देश्य 1950 के दशक से वर्तमान तक की प्रमुख शासन अवधियों का ऐतिहासिक-तुलनात्मक विश्लेषण करना है, जिसके लिए संवैधानिक संशोधनों, केंद्र-राज्य संबंधों (विशेषकर अनुच्छेद 356 के उपयोग), और नागरिक स्वतंत्रता के मामलों पर प्राथमिक और द्वितीयक डेटा का उपयोग किया गया है। प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि जहाँ कांग्रेसी शासन ने अक्सर स्थिरता और केन्द्रीकृत विकास को प्राथमिकता दी, वहीं आपातकाल जैसी घटनाएँ नागरिक स्वतंत्रता के क्षरण का चरम बिंदु रहीं। दूसरी ओर, गैर-कांग्रेसी या गठबंधन सरकारों ने अक्सर संघीय विविधता और चुनावी सुधारों को अधिक महत्व दिया, लेकिन कई बार उनकी नीतियों में विचारधारात्मक ध्रुवीकरण और संस्थागत अस्थिरता के जोखिम भी देखे गए। यह शोध भारतीय लोकतंत्र के विकासवादी पैटर्न पर प्रकाश डालता है और निष्कर्ष निकालता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना किसी एक दल के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, बल्कि यह समय के साथ शासन की प्राथमिकताओं और राजनीतिक जवाबदेही की बदलती प्रकृति का परिणाम है। यह अध्ययन नीति निर्माताओं और विद्वानों के लिए भारतीय शासन के भविष्य के प्रक्षेपवक्र को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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Pages: 80-88 | 3 View | 0 Download
How to Cite this Article:
Dr. Neelam Kumari. कांग्रेसी एवं गैर-कांग्रेसी सरकारों द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना का तुलनात्मक मूल्यांकन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(11):80-88,