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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 4 ISSUE.: 10(October 2025)

राजस्थान में महिलाओं के मानवाधिकारों का विष्लेषणत्मक अध्ययन


Author(s): डॉ. सरोज नैनिवाल


Abstract:

मानव अपनी ही प्रजाति के अन्य लोगों को अपने प्राकृतिक अधिकारों से वंचित करता जा रहा है। समाज में महिलाओं को पुरुषों की तरह समान अधिकार प्राप्त नहीं है, जबकी विष्व की आधी आबादी महिलाओं की है। भारत सहित विष्व के विभिन्न देषों में कानून बनाये जाने के बावजूद महिलाओं के मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। उनके साथ छेड़छाड़ की धटनाएं, दहेज, बलात्कार, अपहरण, हत्या, घरेलू हिंसा, अनैतिक देह व्यापार, जन्म से पूर्व लिंग परीक्षण एवं कन्या भ्रुण हत्या, बाल विवाह, महिलाओं का अष्लील प्रदर्षन, अपमान, अत्याचार, अन्याय आदि अपराध सामान्य हो गए हैं। विष्व में महिलाओं को समान अधिकार एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयास किये जाते रहे है, परन्तु वर्तमान में उन्हें समान अधिकार प्राप्त नहीं हो सके हैं। राजस्थान जैसे राज्य में पुरुष प्रधान व्यवस्था अब भी है, जिसमें महिलाओं पर अत्याचार होता है। इनके मानवाधिकारों का हनन अनवरत् जारी है।

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How to Cite this Article:

डॉ. सरोज नैनिवाल. राजस्थान में महिलाओं के मानवाधिकारों का विष्लेषणत्मक अध्ययन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(10):08-11,