Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
Mail: allstudy.paper@gmail.com
Contact: +91-9650866419
Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 3 ISSUE.: 11(November 2024)
Author(s): डॉ. वंदना मिश्रा
Abstract:
श्रवण बाधित बच्चों की शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम को अनुकूलित करना आवश्यक होता है जिससे कि उनकी विशेष आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके । ये अनुकूलन विभिन्न तरीकों से किए जाते हैं, जैसे कि श्रवण संबंधी यंत्रों (हियरिंग एड्स), सांकेतिक भाषा, श्रवण प्रशिक्षण, और दृश्य शिक्षण सामग्री का उपयोग करके । शिक्षक और शिक्षा प्रणाली को इस बात का ध्यान रखना होगा कि शिक्षण विधियाँ ऐसी हों, जो सुनने की बजाय देखने और महसूस करने पर आधारित हों । इस प्रकार के अनुकूलन से श्रवण बाधित बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करना आसान होता है, जिससे उनकी शिक्षा और विकास में सहायता मिलती है। श्रवण बाधित बच्चाँ की शिक्षा में पाठ्यक्रम अनुकूलन के जहाँ लाभ है तो वही कुछ हानियाँ भी हैं, परन्तु इन सबके बावजूद भी श्रवण बाधित बच्चो की शिक्षा मॅ पाठ्यक्रम अनुकूलन का अपना ही महत्व हैं। श्रवण बाधित बच्चों की शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम को अनुकूलित करना आवश्यक होता है ताकि उनकी विशेष आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके। ये अनुकूलन विभिन्न तरीकों से किए जाते हैं, जैसे कि श्रवण संबंधी यंत्रों (हियरिंग एड्स), सांकेतिक भाषा, श्रवण प्रशिक्षण, और दृश्य शिक्षण सामग्री का उपयोग। शिक्षक और शिक्षा प्रणाली को इस बात का ध्यान रखना होता है कि शिक्षण विधियाँ ऐसी हों, जो सुनने की बजाय देखने और महसूस करने पर आधारित हों। इस प्रकार के अनुकूलन से श्रवण बाधित बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करना आसान होता है, जिससे उनकी शिक्षा और विकास में मदद मिलती है। सारांश में, पाठ्यक्रम अनुकूलन छात्रों की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनकी शिक्षा को सुलभ, प्रभावी, और प्रासंगिक बनाने का एक महत्वपूर्ण उपाय है ।
keywords:
Pages: 60-66 | 3 View | 0 Download
How to Cite this Article:
डॉ. वंदना मिश्रा. श्रवण बाधित बच्चों शिक्षा हेतु पाठ्यक्रम अनुकूलन-एक परिचय. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2024; 3(11):60-66,