Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 2 ISSUE.: 8(August 2023)
Author(s): नितिन आनन्द एवं पूनम झा
Abstract:
शिक्षा प्रदान करने का कार्य मुख्य रूप से शिक्षक समाज का है। शिक्षक, शिक्षक भी है तथा अभिभावक भी। विद्यालय में भी शिक्षक, बालकों के अंशकालिक अभिभावक होते हैं। अतः उन्हें शिक्षक व अभिभावक दोनों की ही भूमिका निभानी होती है। प्रस्तुत अध्ययन बालकों की शिक्षा पर अध्ययन प्रक्रिया के अतिरिक्त शिक्षक को प्रेरणायुक्त व्यवहार, नियंत्रण, निश्चयात्मकता, सुविधाओं को उपलब्ध कराना आदि घटक भी महत्व रखते हैं। अतः कक्षा में एवं उसके बाहर शिक्षकों का छात्रों के प्रति व्यवहार स्नेहिल, सुरक्षा प्रदान करने वाला तथा उसकी चिन्ता करने वाला होगा तो निश्चित रूप से बालकों की शैक्षिक उपलब्धि का स्तर उठेगा। आज शिक्षकों का जो व्यवहार विद्यालयों में देखने को मिलता है जिसमें छात्रों की उपेक्षा, तिरस्कार, दण्ड की बहुलता होती है, शिक्षकों के इस प्रकार के व्यवहार से उपलब्धि का स्तर गिर रहा है अतः इसमें परिवर्तन वांछित है। प्रस्तुत अध्ययन का निष्कर्षात्मक स्वरूप स्पष्ट करते हुए हम यह कह सकते हैं कि गृह पर्यावरण का पालन सर्वोत्तम होना चाहिये जिससे बच्चों में समानता, स्वतंत्रता, सहयोग और भाई-चारे के प्रजातंात्रिक मूल्यों का विन्यास किया जा सके और उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक एवं सर्वांर्गीण विकास स्वसाधनों द्वारा वांछित बनाया जा सके। इसलिये भारत सरकार ने सार्वभौमिक शिक्षा का प्रचार करके प्राथमिक विद्यालयों में उच्च और सकारात्मक वातावरण का विकास किया है जिससे सभी बच्चों को एक समान समृद्ध वातावरण मिल सके। प्रस्तुत अध्ययन विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि पर गृह वातावरण का अध्ययन शीर्षक के अन्तर्गत सम्पन्न किया गया है। यह सर्वविदित है कि बालक की प्रथम पाठशाला, उसका घर है। घर पर मुख्य रूप से माता-पिता के व्यवहारों, मूल्यों व दृष्टिकोणों का प्रभाव बालक के भावी जीवन का आधार बनाती है। शिक्षा के प्रति माता-पिता का दृष्टिकोण, प्रेरणा, व्यवहार, संरक्षण, नियंत्रण तथा बच्चों के लिए सुविधायें जुटाना आदि अनेक कारक हैं जो बच्चों की शिक्षा से सीधे जुड़े हैं। शैक्षिक उपलब्धि व परिवार ;माता-पिता का व्यवहारद्ध में सदस्यों की अंतः क्रिया के बीच संबंध होता है। अतः प्रस्तुत अध्ययन की दृष्टि से शैक्षिक उपयोगिता माता-पिता व शिक्षकों के लिये परिलक्षित होती है।
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How to Cite this Article:
नितिन आनन्द एवं पूनम झा. विद्यार्थियों के गृह वातावरण व शैक्षिक उपलब्धि में सम्बन्ध का अध्ययन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2023; 2(8):100-101,