Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
Mail: allstudy.paper@gmail.com
Contact: +91-9650866419
Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 1 ISSUE.: 1(October 2022)
Author(s): राजेश कुमार
Abstract:
भारतीय जीवन पुरुषार्थ की अवधारणा (धर्म, अर्थ, कर्म एवं मोक्ष) पर आधारित है। इन पुरुषार्थों में भौतिक सन्तुष्टि का साधन होने के कारण अर्थ सबसे महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि चारों वर्ण एवं आश्रम के लोग अपने कर्म तथा धर्म के लिए अर्थ पर ही निर्भर रहते हैं। इसी अर्थ के उपार्जन का एक साधन कृषि है। प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारत के गुप्तकालीन कृषि और कृषक जीवन का अध्ययन करना है कि किस तरह से मानव अपने विकास के क्रम में यायावरी जीवन को छोड़कर स्थायी जीवन की ओर अग्रसर हुए और कृषक जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया।
keywords:
Pages: 11-13 | 6 View | 1 Download
How to Cite this Article:
राजेश कुमार. कृषि एवं कृषक एक एतिहासिक विवेचन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2022; 1(1):11-13,