Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 8(August 2026)
Author(s): दिनेश कुमार दुबे
Abstract:
भारत का चीनी उद्योग अत्यन्त प्राचीन उद्योग है, जिसे उपभोक्ता जगत का प्रमुख उद्योग भी कहा जाता हैं। इस प्रकार भारत के चीनी उद्योग को बड़े पैमाने के संगठित उद्योग के रूप में गौरव प्राप्त है, क्योंकि भारतीय चीनी उद्योग का उत्पादन की दृष्टि से विश्व में दूसरा स्थान है। चीनी उद्योग में लगभग 3 लाख गन्ना कृषक गन्ना उत्पादित करके अपनी आजीविका चलाते हैं। अतः गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है। भारत में चीनी उद्योग का प्रारम्भ बिहार के डच जाति के लोगों ने किया है। लेकिन भारत के प्रसिद्ध प्राचीन अर्थशास्त्री श्री कौटिल्य ने अपनी पुस्तक ‘अर्थशास्त्र’ में गन्ने के रस से गुड़ व चीनी तथा शीरे से शराब बनाने का उल्लेख किया है। स्वतंत्रता उपरांत भारत में कुछ बुनियादी उद्योगों में तीव्र गति से प्रगति हुई है, जिसमें चीनी उद्योग भी सम्मिलित है। इन उद्योगों के विकास से न केवल भारत की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई वहीं भारत की आर्थिक विकास दर (GDP) में भी वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन और ऑक्सफोर्ड के बेसिल ब्लैकवेल के एक साझा अध्ययन से ज्ञात होता है कि वर्ष 1987 में भारत का आर्थिक विकास दर 4.00 प्रतिशत था जो वर्ष 1990 में बढ़कर 5.6 प्रतिशत हो गया वर्ष 2023 में भारत की आर्थिक विकास दर 6.5 के समुतल्य हो गयी। मध्य प्रदेश की प्रमुख 30 चीनी मिलों में से लगभग 10-11 चीनी मिलें नरसिंहपुर जिले में संचालित है | मध्यप्रदेश का लगभग 65% गन्ना नरसिंहपुर जिले में उत्पादित होता है, गन्ने के रूप में कच्चे माल की पर्याप्यता एवं अन्य स्थानीयकरण के कारणों से चीनी उत्पादन की जिले में पर्याप्तता है | चीनी मिलों में कुल गन्ना पिराई का लगभग 10% चीनी प्राप्त होती है इसके अलावा उपोत्पाद (बगास 30%, मोलासिस 5%,प्रेसमड 4% एवं शेष अपशिष्ट दूषित जल के रूप में प्राप्त होता है |
keywords:
चीनी उद्योग, औद्योगिक विकास, आर्थिक विकास, उपोत्पाद, गन्ना उत्पादन।
Pages: 41-43 | 4 View | 1 Download
How to Cite this Article:
दिनेश कुमार दुबे. मध्यप्रदेश के चयनित चीनी उद्योगों के रोकड़ प्रवाह विवरण का विश्लेषणात्मक अध्ययन (मध्य प्रदेश राज्य के संदर्भ में). Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(8):41-43,