Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 4(April 2026)
Author(s): मोनिका कुमारी शोधार्थी एवं डॉ. सोनू सारण
Abstract:
ब्रिटिश काल के दौरान भारत की देशी रियासतों पर परोक्ष रूप से ब्रिटिश शासन का नियंत्रण था। सन् 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ तब यहाँ 565 रियासतें थी। मुगल तथा मराठा साम्राज्यों के पतन के परिणामस्वरूप भारत बहुत छोटे-बड़े राज्यों में विभक्त हो गया था। स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व मुस्लिम और हिन्दू दो प्रकार के शासकों के अधीन ये रियासतें थीं। 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिलने पर इन सभी रियासतों को भारत और विभाजन के बाद बने मुल्क पाकिस्तान में मिला लिया गया। 15 अगस्त 1947 से पूर्व जूनागढ़, हैदराबाद एवं कश्मीर को छोड़कर सभी रियासतों का विलीनीकरण का कार्य सम्पन्न हो चुका था। इन तीन रियासतों का विलय आजादी के बाद हो पाया।
keywords:
रियासत, रजवाड़े, विलीनीकरण, नरेशमण्डल, रजाकार, भारतीय संघ, राजनीतिक महत्वाकांक्षा, अधिराज्य आदि।
Pages: 66-69 | 11 View | 2 Download
How to Cite this Article:
मोनिका कुमारी शोधार्थी एवं डॉ. सोनू सारण. स्वतंत्रता के समय भारत में प्रमुख देशी रियासतें (जूनागढ़, हैदराबाद और जम्मू कश्मीर का ऐतिहासिक अध्ययन). Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(4):66-69,