Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 3(March 2026)
Author(s): डॉ. वर्षा सूर्यवंशी
Abstract:
शिवरीनारायण इन दिनों राष्ट्रीय जनजागृति का प्रमुख केन्द्र के रूप में उभरकर सामने आया। भारतेन्दु युग के सक्रिय साहित्यकार, समाजसेवी, मालगुजार और पश्चात शासकीय सेवा में तहसीलदार के पद पर रहे शिवरीनारायण भूमि के महान सपूत ठाकुर जगमोहन सिंह जी के साथ श्री मालिक राम द्विवेदी जी सरीखे प्रेरणास्पद रचनाकारों द्वारा अपनी रचनाओं को सेतु बनाकर राष्ट्रीय जनजागरण की ध्वनि को स्वर प्रदान किये गए। राष्ट्रीय साधना और आराधना ही शिवरीनारायण के निवासियों का सवर्वोच्च. लक्ष्य हो गया था। ठाकुर जगमोहन सिंह जी द्वारा समस्त साहित्यकारों को एक सूत्र में पिरो कर एक मंच इस उद्देश्य की पूर्ति के निहितार्थ प्रदान किया गया था। उन्होंने प्रलय, श्याम स्वप्न, सरोजनी, सम्पत्तिलता, प्रेम, मेघदूत, कुमार संभवम्, ज्ञानप्रदीप जैसे लोकमंगलकारी एवम् समाजोपयोगी रचनाओं का सृजन कर अपनी जन्मभूमि एवम् कर्मभूमि को गौरवान्वित किया।
keywords:
धार्मिक, शिवरीनारायण, आधुनिककाल ................इत्यादि।
Pages: 116-119 | 32 View | 2 Download
How to Cite this Article:
डॉ. वर्षा सूर्यवंशी. आधुनिक काल में शिवरीनारायण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(3):116-119,