Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 1(January 2026)
Author(s): डॉ. मनोज कुमार सिंह
Abstract:
वर्तमान में विश्व के सभी देश अंतरिक्ष की खोज में लगे हुए हैं ग्रह नक्षत्र एवं सूर्य, चंद्रमा, पर लगातार अनुसंधानहो रहा है। भारत ने चंद्रमा की सतह पर यान भेजना चाहता था। परंतु दो बार असफल होने के बाद तीसरी बार सफल हुआ। दुनिया में वैज्ञानिक प्रगति की सबसे बड़ी उपलब्धि भारत के पास हो गई कम खर्च और कम समय में यह सफलता भारत को प्राप्त हुई। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान को उतारा गया।सफलतम् प्रयोग ने उसे आशातीत वैज्ञानिक प्रगति के लिए अग्रसर होने के लिए अवसर प्रदान करती है। भारत अंतरिक्ष अभियान में गौरवशाली परंपराओं और वैज्ञानिक देश के बीच अपनी स्थिति को मजबूत कर चुका है।भारत भी सदैव अपने अंतरिक्ष अभियान में जुड़ा हुआ है। इसमें अनेक अनुसंधान की प्रक्रिया सम्मिलित है। इसी के अध्ययन क्रम में चंद्रमा पर अक्षांश व देशांतर पर निर्धारण के लिए एक प्रयास सार्थक हो सकता है।
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Pages: 62-63 | 2 View | 0 Download
How to Cite this Article:
डॉ. मनोज कुमार सिंह. चंद्रमा के सतह पर अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं का निर्धारण की प्रासंगिकता. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(1):62-63,