Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 9(September 2025)
Author(s): Dr. Durga Charan Singh
Abstract:
यह अध्ययन 2018 से 2025 के बीच भारतीय कृषि में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ.डी.आई.) की गति–विधि को जाँचता है। इसमें अवसरों, चुनौतियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर खास ध्यान दिया गया है। डीपीआईआईटी, आरबीआई और पीएलएफएस जैसे सरकारी स्रोतों से लिये गये द्वितीयक आँकड़ों के आधार पर, अध्ययन निवेश के रुझान, संरचनात्मक बदलाव और क्षेत्रीय एकाग्रता को सामने लाता है। निष्कर्ष बताते हैं कि 2020 के बाद औसत निवेश में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही स्थिरता भी आई है और पुनर्निवेशित कमाई का हिस्सा बढ़ा है, जो निवेशकों के भरोसे को दिखाता है। परन्तु इसका लाभ चंद विकसित राज्यों में ही सिमटा रह गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में क्षेत्रीय और सामाजिक बहिष्करण की चिन्ता उभरती है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि एफ.डी.आई. में कृषि शृंखला और ग्रामीण रोजगार को सशक्त बनाने की बड़ी सम्भावना है, पर इसके लिए लक्षित नीतियाँ जरूरी हैं, ताकि लाभ बराबरी और समावेशी रूप से पहुँचे।
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Pages: 61-66 | 2 View | 0 Download
How to Cite this Article:
Dr. Durga Charan Singh. भारतीय कृषि में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश: अवसर, चुनौतियाँ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(9):61-66,