Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.

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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 4 ISSUE.: 4(April 2025)

लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की विशेष भूमिका


Author(s): सुमित कुमार एंव डॉ. राजीव कुमार


Abstract:

लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण एक परिवर्तनकारी शासन मॉडल है जो केंद्रीकृत अधिकारियों से सत्ता और जिम्मेदारियों को स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में स्थानांतरित करता है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बढ़ाना, सहभागी विकास को बढ़ावा देना और समावेशी शासन सुनिश्चित करना है। भारत में, 73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) ने पंचायती राज प्रणाली को संस्थागत रूप दिया, जिससे ग्रामीण स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक जनादेश मिला। यह ढांचा बिहार के गया जैसे जिलों में विशेष रूप से प्रभावशाली रहा है, जहां स्थानीय शासन संरचनाएं सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह शोधपत्र गया जिले में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन के महत्व और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण में इसके योगदान का पता लगाता है। अध्ययन भारत में विकेंद्रीकरण के ऐतिहासिक विकास, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की संरचना और कार्यप्रणाली और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर गहराई से चर्चा करता है। ग्राम पंचायत (गांव स्तर), पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर) और जिला परिषद (जिला स्तर) सामूहिक रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की रीढ़ बनते हैं, जो आवश्यक सेवाओं और विकास कार्यक्रमों की कुशल डिलीवरी सुनिश्चित करते हैं। इस अध्ययन में प्रभाव के प्रमुख क्षेत्रों में से एक पीआरआई के माध्यम से सरकारी कल्याण योजनाओं का कार्यान्वयन है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना (पी०एम०ए०वाई), स्वच्छ भारत मिशन (एस०बि०एम) और जल जीवन मिशन जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण आजीविका, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे में काफी सुधार किया है। इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास में पीआरआई की भूमिका का विश्लेषण किया गया है। स्थानीय शासन में अनुसूचित जातियों (एस०सी०), अनुसूचित जनजातियों (एस०टी०) और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण ने हाशिए पर पड़े समूहों की भागीदारी को बढ़ाया है, जिससे अधिक समावेशी निर्णय लेने में योगदान मिला है।

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How to Cite this Article:

सुमित कुमार एंव डॉ. राजीव कुमार. लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की विशेष भूमिका. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(4):13-16,