Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 2(February 2025)
Author(s): शीशराम
Abstract:
राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है, और यह भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41प्रतिशत है लेकिन जल संसाधनों का केवल 1.04 प्रतिशत है इसलिए राज्य कि कृषि अर्थव्यवस्था के 70 प्रतिशत के लिए जल संसाधनों की कमी है। मानसून की अनिश्चित भूमि के विकास मे बाधा डालने के साथ-साथ रोजगार और अनियमितता की समस्यां पैदा करती है। राज्य मे सिंचाई की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को प्रकट किया गया है। यह पेपर राजस्थान में सिंचाई के मुख्य स्त्रोत सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना (SCIP) मुख्य स्त्रोत के बारे मे बताएगा। अध्ययन राजस्थान मे सिचांई संसाधन द्वारा सिंचित क्षेत्र पर भी केन्द्रित है। सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना के आर्थिक अध्ययन में तथ्यों और आंकडों के साथ ठीक तरह से समझाई गई है। पत्र में योजना के दौरान सिंचाई के विकास और राजस्थान में सकल सिंचित क्षेत्र में इसकी प्रगति पर भी प्रकाश डाला गया है। सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना कमांड क्षेत्र के एक स्थलीय खंड में परिदृश्य संसोधन और कृषि गहनता को जानने के लिए अध्ययन किया गया है। अध्ययन इस बात की पुष्टि करता है कि सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना की शुरूआत के कारण बडे़ पैमाने पर भूमि उपयोग पैर्टन बदलाव आया और सिंचाई प्रणाली को वर्षा आधारित खेती से नहर सिंचाई की और स्थानान्तरित कर दिया गया। इस के अलावा सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना द्वारा बढ़ी हुई पानी की उपलब्धता ने बडे़ पैमाने पर सिंचित भूमि क्षेत्र, फसल पैर्टन और भूमि उत्पादकता को बदल दिया है। अध्ययन में कृषि गहनता पर सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना के महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव का देखा। यह अध्ययन जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग और अर्थशास्त्र व सांख्यिकी विभाग राजस्थान सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए प्राथमिक आंकडों तथा द्वितीयक आंकडों का विष्लेषण करके पूरा किया गया है।
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How to Cite this Article:
शीशराम. राजस्थान के हनुमानगढ़ व चूरू जिले में सिद्धमुख नहर सिंचाई परियोजना: आर्थिक प्रभाव का अध्ययन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(2):01-04,