Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 12(December 2025)
Author(s): डॉ. आशुतोष राय
Abstract:
शिक्षा वास्तव में किसी भी समाज के विकास और प्रगति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं | शब्द “शिक्षा” संस्कृत ‘शिक्ष’ से निकला हैं जिसका अर्थ हैं “शिक्षक की शिक्षा” | अर्थात शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया हैं जिसमे ज्ञान, सूचना, और कौशल को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को प्राप्त होता हैं यह मानव जीवन में ज्ञान, संज्ञान, और बुद्धि का विकास करती हैं इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने ज्ञान को बढ़ाते हैं इसके माध्यम से व्यक्ति में मनोवैज्ञनिक विकास,भावनात्मक समझ, समाजसेवा की भावना, व्यक्तिगत व् आर्थिक उत्थान होता हैं| स्कूल,कॉलेज, विश्वविद्यालय, विभिन्न शैक्षणिक संस्थान शिक्षा प्राप्त करने का माध्यम हैं | शिक्षा मानव के लिए न्याय, समानता प्रदान किये जाने का भी माध्यम हैं, यह उसे आत्मनिर्भर बनाती हैं, उसे सही नीतियों, मूल्यों और देश की संस्कृति का ज्ञान प्रदान करती हैं | यह व्यक्ति में उन गुणों का विकास करती हैं जो उसे समाज में सफल बनाता हैं जैसे बुद्धि, सहज, विचारशील, और संगठन क्षमता| इसलिये वर्तमान समय मे छात्र छात्रा के अधिकार व् उनके कर्तव्य जानना अत्यंत आवश्यक हो जाता हैं जिससे इस लेख के माध्यम से कुछ हद तक जागरूकता फैलाई जा सके|
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Pages: 137-139 | 1 View | 0 Download
How to Cite this Article:
डॉ. आशुतोष राय. वर्तमान भारतीय परिदृश्य में सद्चरित्र छात्र की प्रस्थिति व् उसके अधिकार, कर्तव्य का विश्लेषण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(12):137-139,