Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
Mail: allstudy.paper@gmail.com
Contact: +91-9650866419
Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 12(December 2025)
Author(s): अर्पणा कुमारी
Abstract:
प्रस्तुत आलेख में महात्मा गाँधी जी के शैक्षिक विचार का विश्लेषण एवं सामाजिक उपयोगिता का विश्लेषण किया जा रहा है साथ ही इसके विकास योजना मॉडल का क्रियान्वयन कर सभ्य समाज एवं चरित्रवान नागरिक का निर्माण करना है। गाँधी जी हमेशा शिक्षा के महत्त्व को गाँव-गाँव तक पहुँचाया है और सभी के लिए निःशुल्क एवं आधारभूत शिक्षा उपलब्ध कराना रहा है। गांधीजी के शिक्षा संबंधी विचार व शिक्षा को मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम मानते थे। अतः वर्धा योजना में उन्होंने प्रथम सात वर्षों की शिक्षा को निःशुल्क एवं अनिवार्य किये जाने पर बल दिया था। गांधीजी का यह मानना भी था कि व्यक्ति अपनी मातृभाषा में शिक्षा को अधिक रुचि तथा सहजता के साथ ग्रहण कर सकता है। आधुनिक भारत के निर्माण में महात्मा गाँधी का बहुआयामी योगदान रहा है। गाँधी जी की शिक्षा संबंधी विचारधारा उनके नैतिकता तथा स्वाबलंबन संबंधी सिद्धांतो पर आधारित थी। हरिजन पत्रिका तथा वर्धा शिक्षा योजना में निहित उनके विचारो के माध्यम से इसे देखा जा सकता है।
keywords:
Pages: 229-231 | 65 View | 0 Download
How to Cite this Article:
अर्पणा कुमारी. आधुनिक परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के शैक्षिक विचार. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(12):229-231,