Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 10(October 2025)
Author(s): कैलाश नाथ द्विवेदी
Abstract:
1962 के चीन-भारत युद्ध ने भारत की रणनीतिक सोच और चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर गहरी छाप छोड़ी। यह शोधपत्र इस बात की पड़ताल करता है कि 1962 की यादें किस तरह भारत की समकालीन सुरक्षा धारणाओं, नीतिगत निर्णयों और चीन के साथ कूटनीतिक जुड़ाव को आकार दे रही हैं। ऐतिहासिक आख्यानों, सैन्य आकलनों और राजनीतिक व्याख्यानों के आधार पर, यह अध्ययन विश्लेषण करता है कि कैसे सामूहिक स्मृति ने अविश्वास को संस्थागत बना दिया है और रणनीतिक रुख को प्रभावित किया है। यह दक्षिण एशिया के उभरते भू-राजनीतिक परिदृश्य में इतिहास और वास्तविक राजनीति के बीच परस्पर क्रिया की भी जांच करता है।
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Pages: 121-123 | 3 View | 0 Download
How to Cite this Article:
कैलाश नाथ द्विवेदी. 1962 के बाद ऐतिहासिक स्मृति और भारत-चीन की रणनीतिक धारणाएँ. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(10):121-123,