Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 4 ISSUE.: 10(October 2025)
Author(s): डॉ. सुमेधा शर्मा
Abstract:
हिमाचल प्रदेश, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, प्राचीन मंदिरों,और समृद्ध विरासत के लिए विश्वविख्यात है। इस राज्य का मण्डी जिला, जो अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, करसोग घाटी जैसे अनछुए और रहस्यमयी स्थानों का घर है। करसोग घाटी जो हिमालय की गोद में बसी है, न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, बल्कि पाण्डव कालीन मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध हैं। ये मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि महाभारत काल के ऐतिहासिक और पौराणिक घटनाओं से भी जुड़े हैं। करसोग घाटी, हिमाचल के मंडी जिले में स्थित एक मनोरम और शांत घाटी है जो समुद्र तल से लगभग १४०४ मीटर की ऊंचाई पर बसी है यह घाटी हिमालय की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में स्थित और अपनी हरी-भरी वादियों,घने जंगलों,सेब के बगीचों, और प्राचीन मंदिरों के लिए जानी जाती है। मण्डी शहर से लगभग १२५ किलोमीटर और शिमला से १०० किलोमीटर की दूरी पर स्थित करसोग घाटी, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए एक अनछुआ स्वर्ग है। इस घाटी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पांडवों के समय से जुड़ी हुई है, और यहां के मंदिर महाभारत काल की कहानियों को जीवंत करते हैं करसोग घाटी का नाम 'कर'और 'सोग' से मिलकर बना है जिसका अर्थ है 'दैनिक शोक'। प्राचीन भारतीय महाकाव्य महाभारत में इस स्थान के बारे में एक प्रसिद्ध कथा मिलती है। द्वापर युग में जब पाण्डव बनवास में थे, तब उन्होंने कुछ समय इसी स्थान पर बिताया था। ऐसा माना जाता है कि यहीं से पाण्डव हिमालय पार के उत्तर की ओर गंधमादन पर्वत पर पहुंचे थे, जहां भीम की हनुमान जी से भेंट हुई थी। परंपरा कहती है कि यह नगर एक असुर के शाप से ग्रस्त था। जब पाण्डव बनवास में भटक रहे थे, तो वे कुछ समय के लिए ममेल नामक इस गांव में रुके थे। उस दौरान, गांव के पास एक गुफा में एक असुर ने डेरा डाल रखा था। उस असुर के प्रकोप से बचने के लिए, गांव वालों ने तय किया कि वे रोजाना उसके भोजन के लिए एक व्यक्ति को उसके पास भेजेंगे ताकि वह जल्दी से पूरे गांव को न मार डाले। कुछ समय बाद, जिस घर में पाण्डव ठहरे थे, उस घर के लड़के की बारी आई। यह देखकर उस लड़के की बारी आई। यह देखकर लड़के की मां रोने लगी, पांडवों ने कारण पूछा तो उसने कहा कि मुझे अपने पुत्र को असुर के पास उसके भोजन के रूप में भेजना है। भीम उस लड़के के बजाय उस असुर के पास गए। उनके बीच भयंकर युद्ध हुआ और भीम ने उस असुर को को मार डाला और गांव के दैनिक शोक को कम किया। करसोग पारम्परिक रूप से हिन्दू धर्म के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां मंदिर पांडवों द्वारा स्थापित किया गए थे।
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How to Cite this Article:
डॉ. सुमेधा शर्मा. हिमाचल प्रदेश के मंडी जनपद की करसोग में पाण्डवकालीन मंदिर: एक ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(10):150-152,