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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 4 ISSUE.: 10(October 2025)

सलाम आखिरी उपन्यास: बाल यौन शोषण की व्यथा-कथा


Author(s): पारुल


Abstract:

बाल यौन शोषण वर्तमान समय की अत्यंत गंभीर सामाजिक समस्याओं में से एक है। यह एक आपराधिक कृत्य के साथ मानवता और नैतिकता के मूल्यों पर भी गहरा प्रहार है । जब किसी बच्चे के साथ निष्कपट अवस्था में यह घटना घटती है तो यह उसके शरीर को तो घायल करता ही है साथ ही उसे मानसिक तथा भावनात्मक चोट भी पहुँचाती है। मधु कंकरिया का बहुचर्चित उपन्यास ‘सलाम आखिरी’ वेश्या जीवन के यथार्थपूर्ण चित्रण के साथ बाल यौन शोषण जैसी सामाजिक विकृति के विभिन्न आयामों को भी सामने लाता है । प्रस्तुत आलेख में ‘सलाम आखिरी’ उपन्यास के माध्यम से बाल यौन शोषण के कारण, प्रक्रिया और परिणाम – तीनों आयामों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है।

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Pages: 135-139     |    3 View     |    0 Download

How to Cite this Article:

पारुल. सलाम आखिरी उपन्यास: बाल यौन शोषण की व्यथा-कथा. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2025; 4(10):135-139,