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ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 3 ISSUE.: 9(September 2024)

श्रवण अक्षम बच्चे एवं उनकी शिक्षा: एक अध्ययन


Author(s): श्रवण अक्षम बच्चे एवं उनकी शिक्षा: एक अध्ययन


Abstract:

दिव्यांग बालक ऐसे बालक होते हैं जो सामान्य बालकों से शारीरिक, मानसिक, संवेगिक आदि रूप से भिन्न होते हैं । जिससे उन्हें संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैl इसी क्रम में श्रवण अक्षम बच्चे भी आते हैं क्योंकि इनमें सुनने की शक्ति में कमी होती है और वे सामान्य बच्चों की तुलना में कम सुनते हैं या नहीं सुन पाते हैं जिससे उन्हें दूसरों से बातचीत करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है परिणामस्वरूप इनमें समायोजन की समस्या अधिक देखने को मिलती है, क्योंकि अन्य विद्यार्थियों से अपने आपको अलग महसूस करते हैंl एक श्रवण बाधित बालक या विद्यार्थी में सामाजिक गतिशीलता तीव्र गति से होती है क्योंकि उन्हें अन्य की अपेक्षा उचित वातावरण, शिक्षा आदि की सुविधा नहीं मिल पाती है और वह अपने आप को समाज से अलग-थलग समझने लगते हैं साथ ही उनके मन में कुंठा, हीनता आदि की भावना विकसित होने लगती है और धीरे-धीरे वह स्वयं को सामान्य लोगों सेया सामान्य बच्चों से अलग महसूस करने लगते हैं परिणाम स्वरूप देश का विकास भी प्रभावित होता हैl. अतः ऐसे बच्चे या व्यक्ति समूह को समाज से अलग होने से रोकना अतिआवश्यक है इस हेतु उनकी शिक्षा, व्यवसाय आदि में उन्हें बढ़ावा देना होगा । इसके लिए श्रवण बाधित बच्चों के विषय में पूर्ण जानकारी के साथ ही उनको उचित शिक्षा दिया जाना आवश्यक है, जिसका उल्लेख हमारी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में किया गया हैl श्रवण बाधित बच्चों या विद्यार्थियों की शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो उनमें कौशल विकास कर सके जिससे वे अपने दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति जैसे परिवार, अभिभावक आदि पर आश्रित नहीं रहे और उनमें आत्मनिर्भरता का विकास हो पाएगा तथा वे अपने जीवन को अर्थ पूर्ण बनाते हुए अपना जीवनयापन आसानी से कर सकते हैं । उनके आय में वृद्धि होगी और वह समाज में एक गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त करते हुए समाज की मुख्यधारा में कदम से कदम मिलाकर चल सकेंगे उनमें आत्मविश्वास, आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता जैसी भावना जागृत होगी साथ उनमें हीन भावना, अकर्मण्यता, नैराश्य, आत्मग्लानि जैसी मनोवैज्ञानिक भावना का अंत होगा ।

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How to Cite this Article:

श्रवण अक्षम बच्चे एवं उनकी शिक्षा: एक अध्ययन. श्रवण अक्षम बच्चे एवं उनकी शिक्षा: एक अध्ययन. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2024; 3(9):21-24,