Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.

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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 3 ISSUE.: 9(September 2024)

भारत में गठबंधन सरकारों की सफलता-एक समीक्षा


Author(s): श्रीमती चंदा शर्मा एवं प्रो. अमरजीत सिंह


Abstract:

भारतीय लोकतंत्र में बहुदलीय व्यवस्था का प्रावधान है। इसलिए कई बार किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाता। इससे राजनीतिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अतः ऐसी स्थिति में पुनः निर्वाचन के व्यय से बचने के लिए दो या दो से अधिक दलों के द्वारा गठबंधन सरकार की स्थापना की जाती है। पिछले कुछ दशकों से भारतीय राजनीति में गठबंधन सरकारों का वर्चस्व रहा है। ऐसे में गठबंधन सरकार की विशेषताओं, उसकी सफलता और असफलताओं की सम्भावनाओं को जानना आवश्यक हो जाता है। गठबंधन उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जब दो या दो से अधिक व्यक्ति या दल किसी विशेष उद्देश्य की पुष्टि हेतु अस्थायी रूप से अल्पकाल के लिए जुड़ते हैं। राजनीति के संदर्भ में गठबंधन का आशय दो या दो से अधिक दलों के मेल स सरकार बनाने के जादुई आकड़े या बहुमत प्राप्त कर सरकार बनाने से है। प्रस्तुत अध्ययन में 2004 से 2014 तक संप्रग एवं 2014 से 2024 तक राजग की सरकार के विकासात्मक प्रयासों का समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है। यह गठबंधन निर्वाचन से पहले या निर्वाचन के बाद कभी भी हो सकता है। कभी-कभी दो विपरीत विचारधारा वाले दलों में भी गठबंधन बनाकर पूर्व में तय किए गए आम सहमति के विषयों पर कार्य करने का आश्वासन लेकर सरकार का गठन किया जाता है, जिसे सहमति की सरकार भी कहा जाता है। गठबंधन के प्रमुख दल के पास बहुमत का आकड़ा हो या उसके करीब हो तो गिरने की संभावना कम होती है।

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How to Cite this Article:

श्रीमती चंदा शर्मा एवं प्रो. अमरजीत सिंह. भारत में गठबंधन सरकारों की सफलता-एक समीक्षा. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2024; 3(9):11-15,