Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.

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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 3 ISSUE.: 8(August 2024)

ग्रामीण समाज में जातीय समूहों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण


Author(s): डॉ. श्रीमती शांति एक्का


Abstract:

ग्रामीण समाज में जातीय समूहों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक विविधता, और सामूहिक पहचान के संदर्भ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में, ग्रामीण क्षेत्र जातीय समूहों के बीच जटिल सामाजिक संबंधों और शक्ति संरचनाओं का प्रतीक हैं। इन जातीय समूहों की पहचान न केवल उनके सामाजिक और आर्थिक स्थितियों पर आधारित होती है, बल्कि उनके सांस्कृतिक, धार्मिक, और भाषाई विशेषताओं से भी प्रभावित होती है। ग्रामीण समाज में जातीय समूहों का विश्लेषण करते समय जाति, उपजाति, और उनके बीच के अंतरसंबंधों का अध्ययन करना आवश्यक होता है। जातीय समूहों के बीच का सामाजिक संगठन, जैसे कि विवाह, खानपान, और पेशेवर गतिविधियाँ, ग्रामीण जीवन की सामाजिक गतिशीलता को प्रभावित करती हैं। इसके साथ ही, जातीय समूहों के बीच पाई जाने वाली असमानताएँ, जैसे कि सामाजिक स्थिति और अधिकारों का विभाजन, ग्रामीण समाज में शक्ति संतुलन और संघर्ष के स्रोत बनते हैं। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार जातीय समूहों के बीच की सामाजिक और आर्थिक असमानताएँ ग्रामीण समाज में व्यक्तित्व, समुदाय, और सामाजिक एकता को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा, यह अध्ययन जातीय समूहों के बीच सह-अस्तित्व, संघर्ष प्रबंधन, और सामाजिक समरसता की प्रक्रिया का भी विश्लेषण करता है। वर्तमान समय में, आधुनिकता और वैश्वीकरण के प्रभाव से ग्रामीण समाज में जातीय संरचनाओं में बदलाव देखा जा सकता है, जो सामाजिक गतिशीलता और अंतर-जातीय संबंधों को नई दिशा दे रहा है। परंपरागत सामाजिक संरचनाएँ धीरे-धीरे बदल रही हैं, लेकिन जातीय समूहों के बीच के सामाजिक संबंध अभी भी ग्रामीण समाज की एक प्रमुख विशेषता हैं। अंततः, ग्रामीण समाज में जातीय समूहों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण हमें यह समझने में मदद करता है कि कैसे जातीय पहचान और सामाजिक संरचनाएँ ग्रामीण भारत की सामाजिक जड़ों में गहराई से निहित हैं और कैसे वे ग्रामीण समाज की विकास प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

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Pages: 124-128     |    3 View     |    0 Download

How to Cite this Article:

डॉ. श्रीमती शांति एक्का. ग्रामीण समाज में जातीय समूहों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2024; 3(8):124-128,