Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
Mail: allstudy.paper@gmail.com
Contact: +91-9650866419
Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 2 ISSUE.: 8(August 2023)
Author(s): कमलेष कुमार चांवले
Abstract:
नैतिक मूल्य किसी व्यक्ति के अपने सिद्धांत अथवा गुण है, जो उसके निर्णय तथा व्यवहार को संचालित करते है। नैतिक मूल्य काफी कुछ जहाज के लंगर के समान है। जिस प्रकार एक जहाज तेज बहाव के आने पर भी लंगर के सहारे किनारे से लगा रहता है, उसी प्रकार उत्तम चरित्र और उच्चतर नैतिक मूल्यों वाला व्यक्ति विकट परिस्थिति अथवा दबाव में भी अपने सिद्धांतो पर अडिग रहता है। नैतिक मूल्यो का संबंध उन विचारों से हैं, जिनका हम सम्मान करते है। अर्थांत जो वाछनीय है, क्योकि मानव जीवन में उनकी महत्ता है। किसी वस्तु या विचार को मूल्यवान कहने का अर्थ यह है कि वह वांछनीय है और वह वांछनीय इसलिए है क्योकि उसकी महत्ता है और उसकी महत्ता इस तथ्य में है कि वह हमारे संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में सहायक है अर्थात उसके द्वारा हमें आत्मसिद्धी की प्राप्ति होती है। नई राष्ट्रीय षिक्षा नीति 2020 भी हमारे व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास की जरूरत को पूरा करने के उददेष्य के साथ बनाई गई है। इस नीति में 21वी सदी के अनूरूप आवष्यक शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और पुर्नव्यवस्थापन के साथ ही भारतीय परंपरा एवं उसके सांस्कतिक मूल्यों को बरकरार रखने की भी बात की गई है। यह नीति इस सिद्धांत पर बनाई गई है कि षिक्षा से न केवल साक्षरता, उच्च स्तर की तार्किक और समस्या समाधान संबंधी ज्ञानात्मक क्षमताओं का विकास होना चाहिए , बल्कि नैतिक मूल्यों के साथ सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर भी व्यक्ति का विकास होना चाहिए।
keywords:
Pages: 83-85 | 3 View | 0 Download
How to Cite this Article:
कमलेष कुमार चांवले. कमूलय आधारित षिक्षा के उद्देष्य. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2023; 2(8):83-85,